हिमाचल के इस स्थान में नहीं मनाया जाता दशहरा उत्सव l जाने आखिर ऐसा क्यों होता है ?

23 August, 2023

।। विजयदशमी विरक्त भरमौर ।।

रावण भगवन शिव का परमभक्त था तथा भरमौर में रावण ने भगवन सदाशिव कि घोर तपस्या कि थी।

इसका प्रमाण भरमौर के चौरासी मंदिर में भी मिलता है। चौरासी मंदिर के परिसर में रावण की एक शिला पर मूर्ति बनी है, जो अर्धगया तालाब और कपिलेशवर महादेव के मंदिर के समीप है।

बहुत कम लोगों को इस बारे में पता है, क्यूंकि चौरासी परिसर के सभी मंदिरो का जीर्णोंद्धार कर के नया स्वरुप दिया गया है, परन्तु रावण की यह मूर्ति पुराने स्वरुप में है।

चौरासी मंदिर के पुजारी कन्हैया शर्मा का कहना है कि भरमौर में रामलीला का आयोजन तथा पुतलों को जलने का कार्यक्रम का कारण रावण का इस भूमि पर भगवन शिव की घोर तपस्या करना तथा इस भूमि को अपने तप के प्रभाव से निर्मल बनाना है।


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